मुझे नींद नही आती
सोता तो शरीर है
नींद में भी नींद
मुझे नींद आती
कैसे सुनाऊ
अपना हाल-ए-बयां
तुझे ढूढ़ती हैं
मेरी निगाहें
हर वक्त बेवक्त
ख्वाहिशों के
समंदर में
इक मोती हैं
तेरे नाम का
उसे पाने की चाहत
में खुद को गांवा बैठा हूँ
मुझे नींद नहीं आती
सोता तो शरीर है
नींद में भी नींद
मुझे नहीं आती...
सोता तो शरीर है
नींद में भी नींद
मुझे नींद आती
कैसे सुनाऊ
अपना हाल-ए-बयां
तुझे ढूढ़ती हैं
मेरी निगाहें
हर वक्त बेवक्त
ख्वाहिशों के
समंदर में
इक मोती हैं
तेरे नाम का
उसे पाने की चाहत
में खुद को गांवा बैठा हूँ
मुझे नींद नहीं आती
सोता तो शरीर है
नींद में भी नींद
मुझे नहीं आती...
✍️ सुभाष कुमार
