Wednesday, 5 June 2019

औरों के जेहन में  हो

औरों के जेहन में  हो
   

तुम भटक गए हो
कि औरों के नज़र में हो
तुम समझ गए हो
कि औरों के असर में हो
तुम सो गए हो
कि औरों के खोज में हो
तुम सपन में हो
कि औरों के जेहन में  हो
      ✍️ सुभाष कुमार

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