"काश हम दोनों के लिए
सुबह न होती
सबूत न होता
गवाह न होता
रात ये राज ही रहती"
✍️ सुभाष(16/08/2021)
फ़ाग का रंग हैप्यार का उमंग हैअपनों का संग हैजीवन का रंग हैरंगों का त्योहार है✍️ सुभाष कुमार
आज महिला दिवस है आप सभी महिलाओं को इस दिवस की शुभकामनाएं को साथ मेरा नाटक इसी विषय पर आधारित है देखिये इस दृश्य को शब्द के माध्यम से.... ...