का जुलूम किये रे
जो बंदूक उठइले हो
हमारी खेतबा के खा के
जो इ जुलूम कइले हो
हमरी वोटबा पर बइठले हो
तानाशाही में सभे जुटले हो
बोली के जाल फइलेले हो
हमरे तू पिटबइले हो
हमनी ना जरइबो हड़बा
तोहनी का खाइबो अलुहा
बहुते भइलो जुलुमबा
चालतो ना इ ससनाबा।
✍️सुभाष
Nyc bhai
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