Wednesday, 18 June 2025

उम्र ये तमाम बाकी है



अभी रात बाकी है
अभी बात बाकी है।

कल की याद बाकी है
पल की बात बाकी है।

सफर की साथ बाकी है
गुजरी रात की याद बाकी है।

गलियों की याद बाकी है
चौपाटी की शाम बाकी है।

ज़िन्दगी की राज बाकी है
उम्र ये तमाम बाकी है।

 ✍️ सुभाष कुमार

#ज़िन्दगी #कविता 

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